Saturday, September 18, 2021

नालंदा विश्वविद्यालय - भारत का गौरव

नालंदा इतिहास की कक्षाओं के लिये एक जाना पहचाना नाम है, परन्तु यह बड़े दुर्भाग्य कि बात है कि जब भी इसकी चर्चा होती है, तो इसके महत्व का वर्णन अतीत की गहराईयों में होता है, और इसके साथ ही हमारी भारतीय शिक्षा की ऊच्चाईयाँ भूतकाल में गोते लगाने लगती है। हम नालंदा के साथ-साथ बौद्ध धर्म के विश्मृत इतिहास के बारे में सोचने को मजबुर हो जाते हैं।

नालंदाबिहार की प्राचीन विश्वविद्यालय शहर, का इतिहास हमें छठी शताब्दी ईसा पूर्व में बुद्ध और महावीर के दिनों में वापस ले जाता है। "नालंदा" शब्द का क्या मतलब है,  इसके कई संस्करण रहे हैं। नालम को कमल और दा को देना के अर्थ में प्रयोग किया जाता होगा। जैसे कमल ज्ञान के एक प्रतीकात्मक रूप का प्रतिनिधित्व करता है, वैसे ही नालंदा शब्द का मतलब है ज्ञान का दाता माना जाता है। 

पुरातन साहित्यों के अध्ययनों से पता का चलता है कि नालंदा विश्वविद्यालय गुप्त काल (पांचवीं शताब्दी ई.) के दौरान शुरू किया गया था । उनमें यह भी प्रलेखित किया गया है कि बुद्ध अक्सर नालंदा में रुका करते थे। यह विश्वविद्यालय उस समय के शुरूआती महान विश्वविद्यालयों में से एक था जो आज सिर्फ एक खंडहर के रूप निहित है। लेकिन अभी भी सब कुछ खोया नहीं है। इय फीनिक्स की तरह पुन विकसित हो सकती है।


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