Saturday, September 18, 2021

तुतनखामुन – ताबूत से प्रसिद्धी

तुतनखामुन प्राचीन मिस्र का एक ऐसा शख्स था जिसे जीते जी उतनी प्रसिद्धी हासिल नहीं हुयी जितनी की मरने के बाद हुई। तुतनखामुन जिसे लोग राजा तुत के नाम से भी जानते है, १८ वें राजवंश का प्राचीन इजिप्टियन शासक (Egyptian pharaoh) था। यह अखेनातेन का पुत्र था। इसने ९ बर्ष की छोटी उम्र में मिस्र की बागडोर संभाली और  लगभग १० बर्षों तक शासन किया। राजा बनते ही इसने अन्खेसेनामुन से शादी की। अपने इस छोटे से शासनकाल में राजा तुत ने बहुत ही ज्यादा ख्याति अर्जित की, परन्तु आज की दुनिया लम्बे समय तक इस राजा से अनभिज्ञ थी। 



राजा तुत के शासन के दौरान, इनके शक्तिशाली सलाहकारों ने मिस्र की पुरातन परंपरागत कला एवं धर्म को पुनः स्थापित किया, जिसे इनके पूर्ववर्ती शासक “अखेनटोन” द्वारा दरकिनार कर दिया गया था। इस राजा का शासनकाल बहुत छोटा था और यह मुख्यतः अपने बहुमूल्य रत्नों से सुशोभित ताबूत के कारण ही चर्चित हुआ जोकि १९२२ में खुदाई के दौरान लगभग अविकल (Intact) रूप में पाया गया। यद्धपि इस काल के कब्रों में मौजूद बहुमूल्य वस्तुओं के कारण हजार साल के राजाओं के घाटी के इतिहास में कितने ही प्राचीन कब्रों को तोड़ा गया और लूटा गया। राजा तुत के कब्र से अपार धन-संपदा प्राप्त हुई जिसमें रत्नजड़ित स्वर्ण आभूषणों, बहुमूल्य रत्नों के अलावा कई मूर्तियाँ, अनेकों रथ, बर्तन, हथियार इत्यादि अनेक वस्तुऐं शामिल थी। जब इस अनमोल खजाने को “तुतनखामुन का खजाना” नाम के एक विश्वस्तरीय प्रदर्शनी के रूप में आम लोगों के सामने रखा गया तो इसने जनमानस की चेतना में एक अमिट छाप छोड़ी और इस प्रकार इस राजा की प्रसिद्धी ने कितने ही महान ऐतिहासिक राजाओं को पीछे छोड़ दिया।

यह राजा अपने जीवन के १९ वें वर्ष में बिना उत्तराधिकारी की घोषणा किये ही अचानक मृत्यु को प्राप्त हो गया। बाद में मिस्र की गद्दी ऐ (Ay) नामक शासक ने संभाला। इस दौरान राजा तुत के शव को जल्दबाजी में राजाओं की घाटी में एक छोटे से कब्र में दफना दिया गया। अर्मना काल के दूसरे राजाओं अखेनतोन, स्मेनखकोर और ऐ (Ay) की तरह ही तुतनखामुन का नाम भी बाद में पुराने राजाओं की सूची से मिटा दिया गया और इसके द्वारा निर्मित भव्य इमारतों, स्मारकों को उसके सेनापति होरेमहेब ने हड़प लिया जोकि कालांतर में वहाँ का राजा बन गया। हालाँकि राजा तुत के कब्र में छोटे-मोटे लूटपाट के निशान पाये गये हैं, परन्तु २० वें राजवंश (११९०-१०७५ BC) तक आते-२ उसके कब्र को भुला दिया गया था।

जब रामेस-६ के कब्र की खुदाई आरंभ हुई तो उस समय खुदाईकारों के रहने के लिये पत्थरों के अस्थायी कमरों का निर्माण किया गया जो अनजाने में ही राजा तुत के कब्र के प्रवेश द्वार के ठीक उपर था। यह कब्र उस समय तक पूर्णतया संरक्षित था जब तक कि अंग्रेज पुरातत्ववेता हावर्ड कार्टर ने राजाओं के घाटी की सुनियोजित छानबीन के दौरान सन् १९२२ में इस कब्र के स्थान की घोषणा की।

छोटे से कब्र के अन्दर राजा की ममी को तीन ताबूतों के परतदार संरचना के अन्दर रखा गया था, सबसे अन्दर वाला ताबूत ठोस सोने का बना हुआ था जबकि बाहरी दोनों ताबूत लकड़ी के थे जिनके ऊपर शुद्ध सोने की परतें चढ़ाई गयी थीं। राजा के मुख के ऊपर अद्भुत स्वर्ण प्रतिकृति का आवरण था और साथ ही ममी के ऊपर विभिन्न आवरणों में अनगिनत स्वर्ण आभूषण एवं कवच रखे गये थे।

कब्र के अन्य कमरे वस्त्र, असबाब, रथ, हथियार एवं अनगिनत कीमती समाग्रियों से भरी पड़ीं थी। १९६० से १९७० के बीच अत्यंत प्रसिद्ध “तुतनखामुन का खजाना” प्रदर्शनी को संपूर्ण विश्व में प्रर्दशित किया गया और इस प्रकार इस अल्पकालिक राजा ने दुनिया के इतिहास में अपना स्थान संरक्षित कर लिया। इनकी कीर्ति संसार के कोने-कोने तक फैल गयी। परन्तु यहाँ यह कहना आश्चर्यजनक नहीं होगा कि इस प्रसिद्धी में इस राजा का योगदान कम ही है जोकि संभवतः अपने लम्बे उम्र तक जीवनयापन और शासन करने वाले, इतिहासों में वर्णित पूर्वाधिकारियों एवं उतराधिकारियों से ज्यादा अच्छी तरह से जाना जाता है। आज के समय में यह खजाना कैरो (Cairo) के Egyptian संग्रहालय में रखा गया है।

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