Saturday, September 22, 2018

विनती

अश्रुपूरित नयन मेरे, हृदय भावविभोर,
करजोर करूँ विनती तेरी, हे मेरे रणछोड़।

हृदय विदीर्ण, मन विह्वल, संशय समर, रुदन चहुओर,
हर लो कष्ट, करो तृष्णा मुक्त, हो आत्मा का, पथ प्रशस्त।

हे बैकुंठ वासी,
गंगा है जिसकी दासी,
नौ नभ, दस दिश के तुम स्वामी,
हर लोक तुमसे, तुम ही हो इस ब्रह्माण्ड के सकल निवासी,
धरो काल रूप, करो ध्वल स्वरूप, हो कालिमा का पूर्ण नाश,
फिर फैले प्रकाश पुंज, अविनाशी सत्य का हो अनंत राज,
इस चराचर जगत में तुम वास करो,
ये अश्रुपूरित नयन तुम्हारे चरण पखारे,
हे कमलनयन, माखनचोर अब इस जग क्रंदन को शांत करो,
हे मेरे मन के सम्राट, सहस्त्र कोटि नमन तुम स्वीकार करो।।

जन्मदिवस


ये जन्मदिवस, ये नव प्रभात
आयी लालिमा सूरज की, मिटा जगत का अंधकार,
कुछ पुष्प खिले, कुछ खग किलके,
खुशियों की हो असंख्य बौछार,
पुलकित जीवन, अपार हर्ष,
उम्र का अगला ठहराव।

यह है एक बुझता दिया,
मिले सीमित मोती, कर्तव्य हज़ार,
गिन गिन कर तू खर्च इसे,
कर दूसरों की और खुद को पा।

है मानव तन, इक नश्वर माया,
आत्मज्योति है सत्य की छाया,
कलुषित न हो यह परम नीधि,
समझा जो वो प्रभुपद पाया।

मेरा जमीर जागता रहा

मेरा जमीर जागता रहा और सोता रहा भविष्य,
अंदाज जुदा हैं दुनिया के, 
संघर्ष है बहुत कठोर,
हर दरवाजे पे दस्तक दी मैनें,
खायीं ठोकरें दर-दर की,
पर सीख न पाया सफलता का वो मूलमंत्र, 
जिसे कहते हैं जी हुजूरी का अकाट्य तंत्र।

Friday, September 7, 2018

आत्मविश्वास


चराग बुझने से पहले

मंजिलें तय कर।

हर फरियाद पूरी होगी

तू हौसला बुलंद कर।

लौ का नूर बढ़ जाएगा

अगर तबियत से जलने की, तू जुस्तजू कर

Saturday, August 11, 2018

ऐ दिल


इस ज़माने ने, हर शख्स को, बहुत सताया है,
ऐ दिल, ऐ दिल, तू भी इस दुनिया की दस्तूर निभाए जा..

वक्त का पहिया, पहिया..चलता है, चला जायेगा,
ऐ दिल, तू भी इस महफ़िल से गुजर जा..

दुनिया के हैं रंग, हर रंग की है पहचान अपनी,
ऐ दिल, तू भी अपनी पहचान बनाये जा..