Sunday, January 4, 2015

मेरी हिमाचल यात्रा (पहला दिन)

बहुत दिनों से हिमाचल प्रदेश के किसी शहर को देखने की इच्छा हो रही थी परन्तु किसी न किसी कारण वश ऐसा नहीं हो पा रहा था । M.Tech. के तीसरे सेमेस्टर की शुरुआत में आचानक हम चार दोस्तों ने हिमाचल राज्य के एक प्रसिद्ध पर्यटन स्थल धर्मशाला जाने का निश्चय किया। तय समयानुसार हम सभी पंजाब के संगरूर जिले के लौंगोवाल गॉव में स्थित अपने कॉलेज से सुबह- सुबह बस द्वारा यात्रा आरंभ की।










लौंगोवाल से संगरूर, लुधियाना, होशियारपुर होते हुए लगभग अंधेरा होने के बाद हम धर्मशाला पहुँचे। इस शहर ने सर्द मौसम और तेज बारिश के साथ हमारा स्वागत किया। बस से उतरने के बाद भींगते-भींगते हम सब रात्रि विश्राम के लिये सस्ते सुविधाजनक होटल की तालाश में जुट गये। थोड़ी देर की तालाश के बाद हमें अपना मनचाहा कमरा किराए पर मिल गया। तब तक हम सभी पूरी तरह भींग चुक थे। अब तय हुआ कि थोड़ी देर के विश्राम के बाद हम सब रात्रि का भोजन करने के लिये बाजार जायेंगे।











 जब हम खाना खाने के लिये बाहर निकले तो बारिश थम चुकी थी और मंद-मंद हवाओं ने अपना रंग दिखाना शुरू कर दिया था। एक मध्यम दर्जे के होटल में जाकर हमने खाना खाया, यह होटल देखने में तो बहुत ही छोटा था पर खाना बहुत ही स्वादिष्ट एवम् किफायती था। उसके बाद हमलोग बाजार देखने चल पड़े। बाजार से लौटते-लौटते हमसब पर थकान हावी होने लगी थी, हमारा शरीर थक कर चूर हो चुका था। विछावन पर लेटते ही हमें गहरी नींद ने अपने आगोश में ले लिया.

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