एक अध्ययन से पता चला है कि, कुछ आकाशगंगा युवावस्था
में मृत्यु को प्राप्त हो जाते हैं क्योंकि वे नए सितारों के बनने के लिए आवश्यक
गैस जल्द ही अपने अन्दर से निष्कासित कर
देते हैं। पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया के विश्वविद्यालय से खगोल विज्ञानी आइवी
वाँग का कहना है कि, आकाशगंगा मुख्यतः दो प्रकार के होते हैं, पहले 'नीले' आकाशगंगा जो अभी भी सक्रिय रूप से नए सितारों को
बना रहे हैं और दुसरे 'लाल' आकाशगंगा जिन्होंने
बढ़ना बंद कर दिया है।
ज्यादातर (अधिकांश)
आकाशगंगा नीले से लाल यानि की मृत आकाशगंगा में परिवर्तित (transition) होने में दो अरब साल या उससे
अधिक का समय लेते है, परन्तु कुछ एक अरब साल से भी कम समय में परिवर्तित हो जाते हैं,
और ये अंतरिक्षीय दृष्टि (in cosmic terms) से बहुत ही युवा
अवस्था है।
पहली बार शोधकर्ताओं
ने चार आकाशगंगाओं, प्रत्येक संक्रमण के अलग-अलग स्तर पर थे, जिनमें सितारों के
निर्माण प्रक्रिया बंद होने की कागाड़ पर थी, का सफलता के साथ अध्ययन किया। निष्कर्षों
से पता चला है कि वे आकाशगंगाएँ जो अपने निर्माण प्रक्रिया के अंत में पहुँच गयी
हैं, उन्होंने अपना ज्यादातर गैस निष्कासित कर दिया हैं।
यह स्पष्ट
नहीं हो पाया है कि क्यों गैसों को निष्कासित किया जा रहा है। " सुश्री वोंग ने
एक संभावना यह व्यक्त की है कि आकाशगंगा की ही विशालकाय ब्लैक होल के द्वारा इसे
बाहर की तरफ फेंक (उड़ा) दिया जा रहा है,"
सुश्री वोंग का उल्लेख किया। दूसरी संभावना ये है कि गैसों को पड़ोसी
आकाशगंगा द्वारा अपनी तरफ खिंच लिआ जा रहा है।
(अध्ययन रॉयल
एस्ट्रोनॉमिकल सोसाइटी की पत्रिका Monthly Notices में प्रकाशित हुआ है। - आईएएनएस)
मूलशब्द(Keyword): आकाशगंगा(Galaxy), खगोल
भौतिकी (Astrophysics)
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