Thursday, March 18, 2021

दयानिधान

प्रातः काल उठते ही कर ले, नियत प्रभु का ध्यान ।

दुःख दर्द हर लेंगे सारे, देंगे प्राणों को त्राण ।

वो हैं दयानिधान ॥


करूणापती करूणा के सागर, धन से हैं भरते वो गागर ।

लोभ मोह का नाम मिटाकर, करते मोक्ष प्रदान ।

वो हैं दयानिधान ॥ 

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