Friday, July 21, 2017

ऐ जिन्दगी

ऐ जिन्दगी तूने किया क्यों ये जुल्मो सितम,
हम मज़लूमों को तूने बहुत सताया है…

मैं तनहा यहाँ, वो तनहा कहीं,
हमें जमाने की बहारों से अब लेना क्या …

आज मरने की चाह थी,
पर तूने अरमानो का समां बाँध ललचाया है …

न मरना मुमकिन, न जीने को रहा बाकी कुछ,

तू ही बता ऐ बंदा परवर, हमे/हमारे किन कर्मों की ये सजा अता फ़रमाया है...

Thursday, July 13, 2017

पकड़ की बनावट पर आकार का प्रभाव : एक समीक्षा

जब एक व्यक्ति किसी दिए गए वस्तु को पकड़ने की कोशिश करता है, तो इस पुरे कार्य को दो भागों में बाटा जा सकता है; पहला जिसमे वस्तू के पास पहुंचना होता है, उसे परिवहन कहा जाता है, और दूसरा भाग पकड़ कहलाता है. पूर्व के अध्ययनों के आधार पर यह कहा जाता है की परिवहन वेग घंटी के आकार में बढ़ता-घटता है, पर उँगलियों के शीर्ष के वेग के बारे में कुछ ज्ञात नहीं.


सम्पूर्ण प्रक्रिया = संवेदी+अभिकलन+नियंत्रण






Key Words: Grip, Aperture, Shape, Hand Movement, Neuroscience