पिपल के पतवा पर, लिखली तोहर नाम
तु बालम भुल गइल, हम के तमाम
चैइत में चलेला जब, पुरवा बयरिया ।
दिलवा में उठेला, हुक रे सावरीयॉ ।।
निरमोहिया.......................
हाय रे निरमोहिया.......................
रोज-2 लिखिले हम, चिठ्ठिया तहरा नाम के
एको ना आइल अबले, खतीया जवाब के ।
भइल बानी बिरहीन, हम वो सावरीयॉ
काहे ना आवत बार, ताकिले डगरिया ।।
निरमोहिया.......................
हाय रे निरमोहिया.......................
आमवा के गछिया पे, लागल बा मोजरीया
हमरो त आँचल बाटे, सुना वो सावरीयॉ ।
जब हम देखीले, केहुके पुतवा
छतिया से गिरेलागे, दुधवा के लड़ीया ।।
निरमोहिया.......................
हाय रे निरमोहिया.......................
लागताटे आ गइल, मरे के बेड़ा
तरपत-2, छुटताटे डेड़ा ।
बनल रह दुनिया में, इहे दुआ बाटे
एक बिड़हीन के, नेह छुटताटे ।।
निरमोहिया.......................
हाय रे निरमोहिया.......................
निरज कुमार सिंह
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ReplyDeletenice......
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